Kitna Badal Gayi Hai Wo | Aarav Singh | Goonj Chand | Poetry - Flash Jokes - Latest shayari and funny jokes

Kitna Badal Gayi Hai Wo | Aarav Singh | Goonj Chand | Poetry

 
Kitna Badal Gayi Hai Wo | Aarav Singh | Goonj Chand | Poetry
Kitna Badal Gayi Hai Wo | Aarav Singh | Goonj Chand | Poetry

इस कविता के बारे में :

इस काव्य 'कितनी बदल गई है वो' को G-Talks के लेबल के तहत 'गूँज चाँद' ने लिखा और प्रस्तुत किया है। 

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कुछ रिश्तों को सँभालते-2 

बिखर गई है वो

देखो ना कितनी बदल गई है वो

***

वो लड़की जो अपनी मर्ज़ी की 

मालिक हुआ करती थी 

हजारों की भीड़ में भी सबसे 

आगे हुआ करती थी

पर आज ,आज एक इंसान की वजह 

से कितनी सहम गई है वो देखो ना 

कितनी बदल गई है वो

***

कपड़े किसी औऱ के पसंद के पहने 

सवाल ही पैदा नहीं होता था

और इस बात पर उसे समझाना किसी 

के बस में नहीं होता था 

पर आज, आज किसी की खुशी के लिये 

अपनी इच्छाओं का दम घोटना सीख गई है वो

देखो ना कितना बदल गई है वो

***

जहां उसके पास लोगों को बेवजह हंसाने 

के आइडियाज़ हुआ करते थे आज उसके 

पास उसकी तन्हाई और उसके 

खोखले जज़्बात हैं 

नहीं समझ पाता उसे कोई आजकल 

क्योंकि सब सुनते सिर्फ उसके अल्फाज़ 

हैं 

***

बरसों पुराने वीरान पड़े खंडहर की तरह

सुनसान सी हो गई है वो 

देखो ना कितना बदल गई है वो

कहने को तो सब अपने है

पर अपना कोई दिखता नहीं 

***

मतलब के है रिश्ते सारे

बेमतलब कोई मिलता नहीं

किसी के बदलने की उम्मीद में

उस जैसी हो गई है वो

देखो ना कितना बदल गई है वो

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सुनिए इस कविता का ऑडियो वर्शन


( Use UC Browser For Better Audio Experience )

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... Thank You ...


( Disclaimer: The Orignal Copyright Of this Content Is Belong to the Respective Writer )
                                                                                                                                                                                                              

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