Meri Nafrat Dekhkar Meri Mohabbat Ka Andaza Lagaya Karo | Goonj Chand | Poetry - Flash Jokes - Latest shayari and funny jokes

Meri Nafrat Dekhkar Meri Mohabbat Ka Andaza Lagaya Karo | Goonj Chand | Poetry

 
Meri Nafrat Dekhkar Meri Mohabbat Ka Andaza Lagaya Karo | Goonj Chand | Poetry
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इस कविता के बारे में :

इस काव्य 'मेरी नफरत देख कर मेरी मोहब्बत का अंदाज़ा लगाया करो' को G Waves के लेबल के तहत 'गूँज चाँद' ने लिखा और प्रस्तुत किया है।

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मुझे मिलना है ऐसे मोहब्बत से जो 
अपने लबो की हसी किसी और पे क़ुर्बान करता हो 
और छुप छुप के मोहब्बत तो बहोत लोग करते है 
कोई तो हो ऐसा जो इश्क़ सरे आम करता हो

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मेरी नफरत देख कर मेरी मोहब्बत का अंदाज़ा लगाया करो
जब नफरत में इतनी वफ़ा है 
तो मोहब्बत क्या कमाल की रही होगी
और वो आज भी मशहूर है 
अपने शहर में मेरे नाम से
ज़रा सोचो हमारे प्यार की कहानी 
क्या बवाल सी रही होगी 

***

वो दुखा के दिल मेरा बड़े प्यार से मुझे मनाता है
करके जज़्बाती मेरे एमोशन से भी खेल जता है
और सुना है वो आज कल तुमसे प्यार करता है
हाय मतलब मेरी तरह तुम्हे भी पागल बना जता है

***

नफरत सी हो गई है मोहब्बत से अब
किसी पे भरोसा अब होता ही नहीं
और तुम्हे क्या लगता है वो वापस आएगा
अगर उसे आना होता तो वो जता ही नहीं

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सुनिए इस कविता का ऑडियो वर्शन


( Use UC Browser For Better Audio Experience )

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... Thank You ...



( Disclaimer: The Orignal Copyright Of this Content Is Belong to the Respective Writer )
                                                                                                                                                                                                              

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