Meri Maa Ne Mujhe Zimmedar Banaya Hai | Goonj Chand | Poetry - Flash Jokes - Latest shayari and funny jokes

Meri Maa Ne Mujhe Zimmedar Banaya Hai | Goonj Chand | Poetry

Meri Maa Ne Mujhe Zimmedar Banaya Hai | Goonj Chand | Poetry
Meri Maa Ne Mujhe Zimmedar Banaya Hai | Goonj Chand | Poetry

इस कविता के बारे में :

इस काव्य 'मेरी माँ ने मुझे ज़िम्मेदार बनाया है' को Goonj Waves के लेबल के तहत 'गूँज चाँद' ने लिखा और प्रस्तुत किया है।

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कभी प्यार से समझाया

तो कभी डंडा उठाया

न समझ बच्ची थी में

मुझे मेरी माँ ने ज़िम्मेदार बनाया है

***

हर छोटे बड़े फैसलों पे 

हमेशा मेरा साथ दिया

और गलतियों पे हमेशा प्यार 

से ही समझाया है

न समझ बच्ची थी में

मुझे मेरी माँ ने ज़िम्मेदार बनाया है

***

मेरे सपनो को पूरा करने 

का हौसला दिया

और हमेशा आगे बढ़ने का 

रास्ता दिखाया है

न समझ बच्ची थी में

मुझे मेरी माँ ने ज़िम्मेदार बनाया है

***

लड़की होने का हर फ़र्ज़ बताया

और लड़को से सामना 

करना सिखाया है

न समझ बच्ची थी में

मुझे मेरी माँ ने ज़िम्मेदार बनाया है

***

सबको साथ में लेकर चलना 

भी उन्होंने ही बताया

और कमरे को घर बनाना 

भी सिखाया है

न समझ बच्ची थी में

मुझे मेरी माँ ने ज़िम्मेदार बनाया है

***

कभी प्यार से समझाया

तो कभी डंडा उठाया

न समझ बच्ची थी में

मुझे मेरी माँ ने ज़िम्मेदार बनाया है

*****

सुनिए इस कविता का ऑडियो वर्शन

 


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*****


... Thank You ...



( Disclaimer: The Orignal Copyright Of this Content Is Belong to the Respective Writer )
                                                                                                                                                                                                              

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