Khushi Dene Ka Wada Kar | Goonj Chand | Poetry - Flash Jokes - Latest shayari and funny jokes

Khushi Dene Ka Wada Kar | Goonj Chand | Poetry

Khushi Dene Ka Wada Kar | Goonj Chand | Poetry
Khushi Dene Ka Wada Kar | Goonj Chand | Poetry

इस कविता के बारे में :

इस काव्य 'ख़ुशी देने का वादा कर' को Goonj Waves के लेबल के तहत 'गूँज चाँद' ने लिखा और प्रस्तुत किया है।

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अज़ीब सी हो गयी है ज़िन्दगी मेरी

न ये मुझे जीने दे रही है

न में इसे जी पा रही हु

***

बेचैनियों से लिपटे सुकून है इसमें

दर्द में उलझी हुई खुशियाँ है इसमें

इनको सुलझाने के चक्कर में

में ही उलझी जा रही हु

न ये मुझे जीने दे रही है

न में इसे जी पा रही हु

***

हर इंसान के चेहरे पे मुखौटा है यहाँ

ख़ुशी देने का वादा कर हर आदमी दम

घोटता है यहाँ

थोड़ी सी ख़ुशी के लिए में भी 

अपना दम घुटवाती जा रही हु

न ये मुझे जीने दे रही है

न में इसे जी पा रही हु

***

महफ़िलो के नाम पर तन्हाईयाँ 

दिखती है यहाँ

और सच्चाई की कोई क़ीमत नहीं 

बेवफाईया बिकती है यहाँ

सच बोलने के चक्कर में

में भी तनहा होती जा रही हु

न ये मुझे जीने दे रही है

न में इसे जी पा रही हु

***

प्यार के नाम पर तो सिर्फ 

ज़हर बिकता है यहाँ

सबकी आँखों में पड़ा हुआ 

पर्दा भी दीखता है यहाँ

में तो खुली आँखों से ये ज़हर 

पति जा रही हूँ

न ये मुझे जीने दे रही है

न में इसे जी पा रही हु

***

अज़ीब सी हो गयी है ज़िन्दगी मेरी

न ये मुझे जीने दे रही है

न में इसे जी पा रही हु

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सुनिए इस कविता का ऑडियो वर्शन


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... Thank You ...



( Disclaimer: The Orignal Copyright Of this Content Is Belong to the Respective Writer )
                                                                                                                                                                                                              

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