Kash Main Tere Jaisi Ho Jaun | Goonj Chand | Poetry - Flash Jokes - Latest shayari and funny jokes

Kash Main Tere Jaisi Ho Jaun | Goonj Chand | Poetry

Kash Main Tere Jaisi Ho Jaun | Goonj Chand | Poetry
Kash Main Tere Jaisi Ho Jaun | Goonj Chand | Poetry

इस कविता के बारे में :

इस काव्य 'काश मैं तेरे जैसी हो जाऊँ' को Goonj Waves के लेबल के तहत 'गूँज चाँद' ने लिखा और प्रस्तुत किया है।

*****

करके अनदेखा तेरा प्यार में भी

अपने आप में ही खो जाऊ

और काश मैं तेरे जैसी हो जाऊँ

***

के हरपाल तुझे याद करके अपना 

टाइम न वेस्ट करू 

और बैठा हो जब तू अकेला तो में 

भी कूल माइंड से रेस्ट करू

तेरे उलझे हुए बालो को यूं 

बार बार न सुलझाऊँ 

और काश, काश मैं तेरे 

जैसी हो जाऊँ

***

गुस्सा हो जब तू मुझसे की 

तुझे गुस्सा ही छोड़ दू 

बिना गलती हर बार सॉरी बोलकर 

में को अपनी सेल्फ रेस्पेक्ट छोड़ दू 

तेरे हंड्रेड मैसेज करने पर भी में बिजी 

थी यह कहकर तुझे बेहला दू 

और काश, काश मैं तेरे जैसी हो जाऊँ

***

मिलने की जब बात करे तू में 

लाख बहाने पैदा करू

बिना बात के रीज़न बना प्यार 

का में भी सौदा करू

तेरी लाख कसम देने पर भी में 

तस से मस न हो पाउ

और काश, काश मैं तेरे जैसी हो जाऊँ

***

खुद में खुश रहने की आदत 

में भी चलू डाल लू

और तेरी हर बात को इग्नोर करने 

की भी अब में थान ही लू 

अब तेरे जैसा बनना है फर 

चाहे बेवफा कहलाऊ

और काश, काश मैं तेरे जैसी हो जाऊँ

*****

सुनिए इस कविता का ऑडियो वर्शन


( Use UC Browser For Better Audio Experience )

*****


... Thank You ...



( Disclaimer: The Orignal Copyright Of this Content Is Belong to the Respective Writer )
                                                                                                                                                                                                              

Post a Comment

0 Comments