Ye Waqt Bhi Guzar Jaega | Goonj Chand | Poetry - Flash Jokes - Latest shayari and funny jokes

Ye Waqt Bhi Guzar Jaega | Goonj Chand | Poetry

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Ye Waqt Bhi Guzar Jaega | Goonj Chand | Poetry

इस कविता के बारे में :

इस काव्य 'ये वक़्त भी गुज़र जाएगा' को G Talks के लेबल के तहत 'गूँज चाँद' ने लिखा और प्रस्तुत किया है।

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ये वक़्त भी गुज़र जाएगा और 

फिर से नया सवेरा आएगा 

हर बच्चा मिल पायेगा अपने माँ बाप से 

और हर कोई अपने घर जा पायेगा

दोस्तों ये वक़्त भी गुज़र जाएगा

***

माना की आज कुछ मजबूरियाँ है 

हम सबको रखनी कुछ दूरिया है 

पर देखना तो ये है ये कोरोना 

कबतक हमसे लड़ पायेगा 

ये वक़्त भी गुज़र जाएगा

***

न ही भूका कोई मजदुर होगा और 

न ही पैदल चलने को मजबूर होगा 

कल फिर से हस कर अपने 

घरवालों का भूझ उठाएगा 

और दोस्तों ये वक़्त भी गुज़र जाएगा

***

फिर से अपने बच्चे को गोदी 

उठाएगा हर पुलिस वाला

और हर डॉक्टर अपने परिवार 

के साथ खायेगा निवाला 

और कल हर अपना अपने 

को गले लगा पायेगा 

और दोस्तों ये वक़्त भी गुज़र जाएगा

***

माना की कुछ प्यार करने 

वाले भी दूर हो गए है 

और इस कोरोना के 

आगे मजबूर हो गए है 

***

पर इस दुरी की वजह से 

ये प्यार और बढ़ जायेगा 

और आज नहीं तो कल तुम्हे 

उसका दीदार हो ही जायेगा

और दोस्तों ये वक़्त भी गुज़र जाएगा

कल फिर से नया सवेरा आएगा 

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सुनिए इस कविता का ऑडियो वर्शन



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... Thank You ...



( Disclaimer: The Orignal Copyright Of this Content Is Belong to the Respective Writer )
                                                                                                                                                                                                              

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