Koi Toh Ho | Nidhi Narwal | Spoken Word | Spill Poetry - Flash Jokes - Latest shayari and funny jokes

Koi Toh Ho | Nidhi Narwal | Spoken Word | Spill Poetry

Koi Toh Ho | Nidhi Narwal | Spoken Word | Spill Poetry
Koi Toh Ho | Nidhi Narwal | Spoken Word | Spill Poetry

इस कविता के बारे में :

इस काव्य 'कोई तोह हो' को Spill Poetry के लेबल के तहत निधि नरवाल ने लिखा और प्रस्तुत किया है।

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कोई तो हो जो सुने तो सुने 

बस मेरी निगाहों को

कियुँकि जुबान पर अक्सर ताले और नजरों 

मे बहुत सारी कहानियाँ रखती हू मैं

***

वो मुझसे बात करने आए और कहें 

कि मुझसे नजरे मिलाओ और फिर 

हो यू की वो कहें कि कुछ कहना चाहती हो

जो नहीं कहना चाहती वो तो मेने सुन लिया

***

दिल तो हर जगह से टूटा हुआ हैं मेरा

दिल के हर कोने हर दीवार मे छेद है मगर

कोई तो हो जो अंदर आने मे दिलचस्पी 

रखे झाँककर भागने मे नही

***

दिल तो ढेर हो चुका है एक घर हैं 

जो मरम्मत नहीं मांगता

बस सोहबत मांगता है उस शख्स की जो 

कि इसकी टूटी हुई दीवारों के अंदर आकर 

***

इसे जोर जोर से ये बताये

कि इसकी बची कूची दीवारें मेली है 

जो रंगी जा सकती है

कुछ तस्वीरे टंगी है अब भी पुरानी 

जो फेंकी जा सकती है

***

हा वेसे काफी नुकसान तो हुआ है 

दरों दीवार टूटने से मगर इसकी 

बुनियाद अब भी सलामत है

***

कोई तो हो जो देखे और देखे 

बस मुझको कहें मुझसे

कि ये मुस्कुराहट ना खूबसूरत तो है 

मगर खास नहीं खास है 

***

ये ज़ख़्म जो तूने कमाए है 

पहने नहीं कहे मुझसे कि ये खुशी मेरी है 

मै नहीं कहे मुझ से की मे जो दिखती हू 

अब वो मैं हू नहीं 

***

कहें मुझसे की मैं अपनी नज्मों 

को अपने जहन के आगे का पर्दा 

बना कर रखती हू पर्दा जिसके 

आर पार दिखता है

***

कहें मुझसे की मेरी मुस्कुराहटे बस 

मेरी नाकाम कोशिशे है अपने 

ज़ज्बात पर लगाम लगाने की

***

कहें मुझसे की ये नाकाब उतार कर रख दे 

तू आईना देख महज खुदको देखने 

के लिए छुपाने के लिए नहीं

***

कहें मुझसे की तू दर्द का चेहरा है 

दरारों से भरा हुआ बिगाड़ा हुआ 

दर्द जो हसीन है इश्क़ है

***

कहें मुझसे की तू दर्द है 

हसीन है इश्क़ है

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सुनिए इस कविता का ऑडियो वर्शन


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... Thank You ...



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