Wo Apni Ankhon Mein Mere Ishq Ka Khwab Rakhte Hai | Goonj Chand | Poetry - Flash Jokes - Latest shayari and funny jokes

Wo Apni Ankhon Mein Mere Ishq Ka Khwab Rakhte Hai | Goonj Chand | Poetry

Wo Apni Ankhon Mein Mere Ishq Ka Khwab Rakhte Hai | Goonj Chand | Poetry
Wo Apni Ankhon Mein Mere Ishq Ka Khwab Rakhte Hai | Goonj Chand | Poetry


इस कविता के बारे में :

इस प्रेम काव्य 'वो अपनी आँखों में मेरे इश्क़ का ख्वाब रखते हैको G-talks के लेबल के तहत गूँज चाँद ने लिखा और प्रस्तुत किया है।

*****

वो अपनी आँखों में मेरे इश्क़ का ख्वाब रखते है 

थोड़े पागल है मोहब्बत को सरे आम रखते है 

और केह दो उनसे की थोड़ा तो 

लिहाज़ करे वो मोहब्बत का 

क्यों किसी और की मोहब्बत पे नज़ारे खास रखते है 


***


समंदर में रह कर आग पे निगाह रखते है 

और शायरी के बहाने वो अपना 

दिल - ए - इज़हार रखते है 

और ये वो भी जानते है ये टूटे 

दिलवालो की महफ़िल है जनाब 

फिर भी यहां दिल जोड़ने के जज़्बात रखते है 

वो अपनी आँखों में मेरे इश्क़ का ख्वाब रखते है 


***


वो अपने होठो पर हमेशा मेरी बात रखते है 

भरी महफ़िल में मेरे लिए अपने जज़्बात रखते है 

और बन जाये जो हमारी शर्मिन्दगी का सबब 

क्यों हमारे सामने ऐसे हालात रखते है 

वो अपनी आँखों में मेरे इश्क़ का ख्वाब रखते है 


***


तुलना में मेरी वो सामने चाँद रखते है 

और अपने अल्फाज़ो की मेरे पैरो पे कायनात रखते है 

और कोई तो समझाओ इन्हे के मुझसे दूर रहे 

क्यों जीने की उम्र में ज़हर की चाह रखते है 


***


वो अपनी आँखों में मेरे इश्क़ का ख्वाब रखते है 

थोड़े पागल है मोहब्बत को सरे आम रखते है

*****


... Thank You ...






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