Waqt Aane Par Tujhe Teri Aukaat Bataenge | Goonj Chand | Poetry - Flash Jokes - Latest shayari and funny jokes

Waqt Aane Par Tujhe Teri Aukaat Bataenge | Goonj Chand | Poetry

Waqt Aane Par Tujhe Teri Aukaat Bataenge | Goonj Chand | Poetry
Waqt Aane Par Tujhe Teri Aukaat Bataenge | Goonj Chand | Poetry



इस कविता के बारे में :

इस काव्य 'वक़्त आने पर तुझे तेरी औकात बताएंगे' को G-talks के लेबल के तहत गूँज चाँद ने लिखा और प्रस्तुत किया है।



शायरी...

हाथ में दर्द लिए गमो के पन्ने बिछा उनपे अपने जज़्बात लिखती हु, जी हा में वही हु जो हर बेवफा शख्स की औकात लिखती हु 


पोएट्री . . .

*****

भरी महफ़िल तेरे चेहरे से नक़ाब हटाएंगे और

वक़्त आने पर तुझे तेरी औकात बताएंगे

इस गलतफैमी में बिलकुल मत रहना 

तेरे जाने के गम में हम आंसू बहाएंगे 

भरी महफ़िल तेरे चेहरे से नक़ाब हटाएंगे


***


मेरे कुछ ख्वाब भी तुझको सतायेंगे

और वक़्त-बेवक़्त तुझको रुलायेंगे

याद करना अपनी बेवफाई को चंद लम्हो के लिए 

कितना घिनोना था तू तुझको ये तेरे अश्क़ बताएँगे 

भरी महफ़िल तेरे चेहरे से नक़ाब हटाएंगे


***


हम भी तुझको तेरी तरह भुलायेंगे और 

अब हम भी बेवफाई की रस्मे निभाएंगे 

और रुखसत हो गए इस बार तो लौटकर मत आना

कियुँकि तेरे जाने थोड़ी खुशी हम भी मनाएंगे 

वक़्त आने पर तुझे तेरी औकात बताएंगे


***


तेरे वदो के किस्से सबको सुनाएंगे

कितना सच्चा था तू सबको यही बताएँगे 

तू अपने मुँह से मेरी बेवफाई की बात न करना 

वरना लोग खुद तुझे मेरी वफाओ के किस्से सुनाएंगे

भरी महफ़िल तेरे चेहरे से नक़ाब हटाएंगे

वक़्त आने पर तुझे तेरी औकात बताएंगे


*****



... Thank You ...




Disclaimer: The Orignal Copyright Of this Content Is Belong to the Respective Writer )
                                                                                                                                                      

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