UTHI JO EK NAZAR USPAR TO KATLEAAM KAR DUNGI | GOONJ CHAND | POETRY - Flash Jokes - Latest shayari and funny jokes

UTHI JO EK NAZAR USPAR TO KATLEAAM KAR DUNGI | GOONJ CHAND | POETRY

उठी जो एक नज़र उसपर तो कत्लेआम कर दूंगी...


UTHI JO EK NAZAR USPAR TO KATLEAAM KAR DUNGI | GOONJ CHAND | POETRY
उठी जो एक नज़र उसपर तो कत्लेआम कर दूंगी..


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अब उठी जो एक नज़र उसपर तो 

कत्लेआम कर दूंगी

की अब उठी जो एक नज़र उसपर तो 

कत्लेआम कर दूंगी

और उसको निचा दिखाने की कोशिश की 

तुझको बदनाम करदूंगी 

और अब दिख भी गया उसके रास्ते में तो सोच लेना 

खामखा तेरी गली में आके 

बबाल कर दूंगी 


***


में खामखा तुझसे सवाल कर दूंगी ,तेरी नींद ,

तेरा चैन सब हराम कर दूंगी 

और मेरे प्यार पर ऊँगली उठाने की हिम्मत 

मत करना वरना खामखा तुझको 

नीलाम कर दूंगी 

माँगेगा माफ़ी तो माफ़ कर दूंगी वरना तेरे दोस्तों 

को भी तेरे खिलाफ कर दूंगी

और जिन लोगो की वजह से तू इतना उछलता 

है न वक़त आने पर उनका भी 

हिसाब कर दूंगी 


***


दीवानी हु उसकी ये ऐलान कर दूंगी दिल 

ही क्या ये जान भी उसके 

नाम कर दूंगी 

और तुझ जैसे छत्तीस भी आजाये न उसके रास्ते 

पर तो माँ कसम छत्तीस के छत्तीस का 

हिसाब कर दूंगी तेरी नींद ,तेरा चैन 

सब हराम कर दूंगी 


***


में अपने अल्फ़ाज़ों से उसका इलाज़ कर दूंगी 

और उसकी तन्हाहि को भी हसीं 

शाम कर दूंगी 

और कौन कहता है की बन्दे ही प्रोटेक्ट करते है 

अपनी बंदियों को 

में तो लड़की होके भी लड़के वाला काम कर दूंगी 

की अब उठी जो एक नज़र उसपर 

तो कत्लेआम कर दूंगी


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... Thank You ...



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