TERE BINA HI IS ISHQ KO MUKKAMAL KARUNGI | GOONJ CHAND | POETRY - Flash Jokes - Latest shayari and funny jokes

TERE BINA HI IS ISHQ KO MUKKAMAL KARUNGI | GOONJ CHAND | POETRY

TERE BINA HI IS ISHQ KO MUKKAMAL KARUNGI | GOONJ CHAND | POETRY
TERE BINA HI IS ISHQ KO MUKKAMAL KARUNGI

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अब में अकेली ही तुझसे मोहब्बत करुँगी 

और तेरे बिना ही इस इश्क़ को मुक्कमल करुँगी 

न कोई गिला है तुझसे न बैर है कोई

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जो कोई पूछे मेरे बारे में , कहना गैर है कोई 

में तो फिर भी तेरे ही बारे में बाते करुँगी 

और तेरे बिना ही इस इश्क़ को मुक्कमल करुँगी 

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अब में अकेली ही तुझसे मोहब्बत करुँगी 

और तेरे बिना ही इस इश्क़ को मुक्कमल करुँगी 

....

जाने के बाद न तूने मुड़ के देखा न में तेरे पास आयी 

पर तूने करली है शादी ऐसी मेरे कानो में आवाज़ आयी ,

अब इस कहानी की रुक्मणि न सही तो फिर राधा ही बनूँगी 

और तेरे बिना ही इस इश्क़ को मुक्कमल करुँगी 

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अब में अकेली ही तुझसे मोहब्बत करुँगी 

और तेरे बिना ही इस इश्क़ को मुक्कमल करुँगी 

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अब न तेरे वापस आने की ख़ुशी है 

और जाने का डर तो निकल ही गया 

पकड़ के रखा था जो इतने साल मेने 

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आखिर वो रिश्ता भी हाथो से फिसल ही गया 

एक तरफ़ा थी मोहब्बत तो अब एक तरफ़ा ही रखूंगी 

और तेरे बिना ही इस इश्क़ को मुक्कमल करुँगी 

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अब में अकेली ही तुझसे मोहब्बत करुँगी 

और तेरे बिना ही इस इश्क़ को मुक्कमल करुँगी 

....

न लगाउंगी तुझपे बेवफाई का इलज़ाम अब 

पर तुझ से प्यार करना यही है मेरा काम अब 

में तो बस मोहब्बत ,मोहब्बत ,मोहब्बत करुँगी 

और तेरे बिना ही इस इश्क़ को मुक्कमल करुँगी 

....

अब में अकेली ही तुझसे मोहब्बत करुँगी 

और तेरे बिना ही इस इश्क़ को मुक्कमल करुँगी 



... Thank You ...






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