PAPA KI CHAI | GOONJ CHAND | POETRY - Flash Jokes - Latest shayari and funny jokes

PAPA KI CHAI | GOONJ CHAND | POETRY

PAPA KI CHAI | GOONJ CHAND | POETRY
PAPA KI CHAI | GOONJ CHAND | POETRY

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बहुत ख़ुशनसीब होते है वो लोग जिन्हे सुबहे 

चाय के गिलास उनकी माँ उठाया करती है 

पर उनसे भी ज्यादा ख़ुशनसीब हु में कियोकी 

मेरी सुबह तो मेरे पापा की चाय बनाया करती है 

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उठजा बेटा सुबह हो गयी जब ये कहकर आप मुझे उठाया करते हो 

बहुत ख़ुश हो जाती हु में जब आप इस कदर अपना 

प्यार जताया करते हो 

और आपकी यह पागल बेटी थोड़ी देर और 

सोने दो न पापा ऐसा कहकर अपने ऊपर ब्लैंकेट डाला करती है 

इसी तरह वो भी अपना प्यार जतया करती है 

मेरी सुबह तो मेरे पापा की चाय बनाया करती है 

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माँ के पूछने पर खाना क्या बनाऊ आप तुरंत मुझसे पूछा करते हो 

अपनी कोई पसंद नहीं सिर्फ मेरी ही फ़िक्र करते हो 

तब आपकी यह पागल बेटी एक-एक कर अपनी 

फ़रमाईश गिनाया करती है 

और इसी तरह नखरे दिखा वो भी अपनी बात मनाया करती है 

मेरी सुबह तो मेरे पापा की चाय बनाया करती है 

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जब गुस्सा करे मम्मी मुझ पर तो आप तुरंत मनाया करते हो 

और तेरी मम्मी तो पागल है आंख मारके ये जुमला भी 

दोहराया करते हो 

तब आपकी ये पागल बेटी ख़ुश होकर मम्मी को चिडया करती है 

और इसी तरह नखरे दिखा वो भी अपना प्यार जताया करती है 

मेरी सुबह तो मेरे पापा की चाय बनाया करती है 

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दूर हु अब आपसे तो खुद ही बना लेती हु चाय 

और हु कही बहार तो पि लेती हु नागोरी की चाय 

पर ये सब चाय तो नींद भगाया करती है 

मेरी सुबह तो मेरे पापा की चाय बनाया करती है


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(Disclaimer: The Orignal Copyright Of this Content Is Belong to the Respective Writer)

                                                                                                                                                      

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