TUTA HUA DIL MERA PHIRSE JUD RAHA THA | GOONJ CHAND | POETRY - Flash Jokes - Latest shayari and funny jokes

TUTA HUA DIL MERA PHIRSE JUD RAHA THA | GOONJ CHAND | POETRY

TUTA HUA DIL MERA PHIRSE JUD RAHA THA | GOONJ CHAND | POETRY
टुटा हुआ दिल मेरा फिर से जुड़ रहा था 


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टुटा हुआ दिल मेरा फिर से जुड़ रहा था 

और तोड़ने वाले की तरफ ही दुबारा झुक रहा था

बोल नहीं पति थी जिसके आगे में कभी उची आवाज में

आज वो मेरी सारी बाते सर झुकाये सुन रहा था

टुटा हुआ दिल मेरा फिर से जुड़ रहा था

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दिल मेरा फिर से नए खुआब बन रहा था

और फिर अपने लिए उसी बेवफा को चुन रहा था

यु तोह भरोसा नहीं था मुझे उस पर पहले की तरह

पर फिर भी ये दिमाग था जो सिर्फ दिल की सुन रहा था

टुटा हुआ दिल मेरा फिर से जुड़ रहा था

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ज़मीन में बिखरा दिल मेरा अब आसमान पे उड़ रहा था

न जाना था जिस गली उसी गली में मुड रहा था

मुद्दतो बाद खुशिया आरही थी ज़िन्दगी में हमारी

पर न जाने कियु इस बात से ज़माना जल रहा था

टुटा हुआ दिल मेरा आज फिर से जुड़ रहा था

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अपने पहले प्यार से मुझे दुबारा प्यार हो रहा था

और वो अपनी सारी गलतिया स्वीकार कर मेरे आगे रो रहा था

यु तोह वफाये आज भी उतनी ही थी 

मेरे दिल में उसके लिए

पर उसकी बेवफायिओ का जनाज़ा भरे बाजार उठ रहा था 

शायद इसीलिए मेरा टुटा हुआ दिल आज फिर से जुड़ रहा था

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... Thank You ...




(Disclaimer: The Orignal Copyright Of this Content Is Belong to the Respective Writer)


                                                                                              

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