AAJ TUJHE TERI KAHMIYAN GINWATI HUN | GOONJ CHAND | POETRY - Flash Jokes - Latest shayari and funny jokes

AAJ TUJHE TERI KAHMIYAN GINWATI HUN | GOONJ CHAND | POETRY

AAJ TUJHE TERI KAHMIYAN GINWATI HUN | GOONJ CHAND | POETRY
AAJ TUJHE TERI KAHMIYAN GINWATI HUN | GOONJ CHAND | POETRY


-----


में आज तुझे तुझसे रूबरू करवाती हु 


चल आज तुझे तेरी खामिया गिनवाती हु 

---

यु जो हर बार झूठ बोल कर मुझसे अपनी बात मनवा लिया करता है 

सच कहु तू मेरी नज़रों अपनी औकात गिरा लिया करता है 

और तुझे लगता है में तेरे झूठ को सच मान जाती हु 

चल आज तुझे तेरी खामिया गिनवाती हु 

---

में आज तुझे तुझसे रूबरू करवाती हु 

चल आज तुझे तेरी खामिया गिनवाती हु 

---

याद है मुझे वो दिन जिस दिन दोस्त का एक्सीडेंट हो गया है 

यह कह तू मुझ से मिलने नहीं आ पाया था 

उस दिन तेरे साथ बैठी उस लड़की का फोटो सीधे मेरे फ़ोन पे आया था 

और तुझे लगता है में पागल कितनी जल्दी उल्लू बन जाती हु 

चल आज तुझे तेरी खामिया गिनवाती हु 

---

मुझ से शादी का वादा कर बड़ी आसानी से वादे तोड़ दिए 

तू वही है न जिसने बे वजह किसी गैर से रिश्ते जोड़ लिए 

इतना कुछ होने के बाद भी में तेरी खुशी के आगे झुक जाती हु 

चल आज तुझे तेरी खामिया गिनवाती हु 

---

में आज तुझे तुझसे रूबरू करवाती हु 

चल आज तुझे तेरी खामिया गिनवाती हु 

---

निभाना नहीं था प्यार तो करने की क्या जरुरत थी 

सच ही बोल देता अलग होने के लिए झूठ बोलने की क्या जरुरत थी 

तू वही है न जो सबसे कहता फिरता था 

की में हर बात पे तुझ पे शक कर जाती हु 

चल आज तुझे तेरी खामिया गिनवाती हु 

---

में आज तुझे तुझसे रूबरू करवाती हु 

चल आज तुझे तेरी खामिया गिनवाती हु 







(Disclaimer: The Orignal Copyright Of this Content Is Belong to the Respective Writer)
                                                                                              

Post a Comment

0 Comments