WO AKSAR MERI BURAI KARTA HAI | GOONJ CHAND | POETRY - Flash Jokes - Latest shayari and funny jokes

WO AKSAR MERI BURAI KARTA HAI | GOONJ CHAND | POETRY

वो अक्सर मेरी बुराई करता है..


WO AKSAR MERI BURAI KARTA HAI | GOONJ CHAND | POETRY
WO AKSAR MERI BURAI KARTA HAI


 कुछ इस तरह वो रिश्तो की नुमाइश करता हैं
खुद को अच्छा दिखाने के लिए वो
अक्सर मेरी बुराई करता हैं

-----

पर जनता नहीं के वो लोग सुबह शाम मेरा हाल पूछते हैं
जिन के पास जा जाकर वो मुझ से बात करने की 
फ़रमाईश करता हैं
खुद को अच्छा दिखाने के लिए
वो अक्सर मेरी बुराई करता है

-----

कहता है कि मेने तो टूट कर चाहा था उसे
वो हर किसी को अपने बेगुनाह होने की गवाही देता है
खुद को अच्छा दिखाने के लिए वो
अक्सर मेरी बुराई करता हैं

-----

कोई समझाओ उसको कि गवाही के लिए किसी 
दूसरे की जरूरत होती है
वो तो अपने मुह से अपनी बड़ाई करता हैं
खुद को अच्छा दिखाने के लिए वो
अक्सर मेरी बुराई करता हैं

-----

कहता हैं कि मैं करैक्टर लेस्स थी इसके लिए उसने 
मुझे छोड़ दिया
तो फिर आज मुझसे मिलने की वो 
इच्छा करता हैं
खुद को अच्छा दिखाने के लिए वो
अक्सर मेरी बुराई करता हैं

-----

अब क्या कहूँ यह तो दस्तूर सा हो गया हैं इस दुनिया का
के हर वेवफा इंसान सच्चे प्यार की रुसवाई करता हैं
शायद इसलिए वो भी मेरी बुराई करता हैं
खुद को अच्छा दिखाने के लिए वो
अक्सर मेरी बुराई करता हैं

-----







(Disclaimer: The Orignal Copyright Of this Content Is Belong to the Respective Writer)
                                                                  

Post a Comment

0 Comments