Evergreen Shayaris By kaifi Azmi 2019 - Flash Jokes - Latest shayari and funny jokes

Evergreen Shayaris By kaifi Azmi 2019

Evergreen Shayaris By Kaifi Azmi


Shayaris By kaifi Azmi
Evergreen Shayaris By kaifi Azmi


"बस इक झिजक है यही हाल-ए-दिल सुनाने में

कि तेरा ज़िक्र भी आएगा इस फ़साने में"






"गर डूबना ही अपना मुक़द्दर है तो सुनो 

डूबेंगे हम ज़रूर मगर नाख़ुदा (नाविक) के साथ"






"अब जिस तरफ़ से चाहे गुज़र जाए कारवाँ 

वीरानियाँ तो सब मिरे दिल में उतर गईं"





"जो इक ख़ुदा नहीं मिलता तो इतना मातम क्यूँ 

मुझे खुद अपने कदम का निशाँ नहीं मिलता"






"झुकी झुकी सी नज़र बे-क़रार है कि नहीं 

दबा दबा सा सही दिल में प्यार है कि नहीं"





"पेड़ के काटने वालों को ये मालूम तो था 

जिस्म जल जाएँगे जब सर पे न साया होगा"





"बेलचे (कुदाल) लाओ खोलो ज़मीं की तहें 

मैं कहाँ दफ़्न हूँ कुछ पता तो चले"





"जिस तरह हँस रहा हूँ मैं पी पी के गर्म अश्क 

यूँ दूसरा हँसे तो कलेजा निकल पड़े"





                                                                  

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