Evergreen Shayaris By Parveen shakir - Flash Jokes - Latest shayari and funny jokes

Evergreen Shayaris By Parveen shakir

Evergreen Shayaris By Parveen shakir

Shayaris By Parveen shakir
Evergreen Shayaris By Parveen shakir


"यह मेरी ज़ात की सब से बड़ी तमन्ना थी ,
काश ! के वो मेरा होता , मेरे नाम की तरहँ"



    "इश्क़ में सच्चा चाँद पूरा दुःख और आधा चाँद हिजर की शब और ऐसा चाँद इतने घने बादल के पीछे कितना तनहा होगा..."



"अब तो इस राह से वो शख़्स गुज़रता भी नहीं
अब किस उम्मीद पे दरवाज़े से झाँके कोई"



"अपने क़ातिल की ज़ेहानत से परेशान हूँ मैं
रोज़ इक मौत नए तर्ज़ की ईजाद करे"



"अपनी रुस्वाई तिरे नाम का चर्चा देखूँ
इक ज़रा शेर कहूँ और मैं क्या क्या देखूँ"



"स ये हुआ कि उस ने तकल्लुफ़ से बात की 
और हम ने रोते रोते दुपट्टे भिगो लिए"



"लने का हौसला नहीं रुकना मुहाल कर दिया
इश्क़ के इस सफ़र ने तो मुझ को निढाल कर दिया"



  "हम तो समझे थे कि इक ज़ख़्म है भर जाएगा
क्या ख़बर थी कि रग-ए-जाँ में उतर जाएगा"



"हुस्न के समझने को उम्र चाहिए जानाँ
दो घड़ी की चाहत में लड़कियाँ नहीं खुलतीं"



"काँटों में घिरे फूल को चूम आएगी लेकिन
तितली के परों को कभी छिलते नहीं देखा"



"कैसे कह दूँ कि मुझे छोड़ दिया है उस ने
बात तो सच है मगर बात है रुस्वाई की"



"लड़कियों के दुख अजब होते हैं सुख उस से अजीब
हँस रही हैं और काजल भीगता है साथ साथ"



"मैं सच कहूँगी मगर फिर भी हार जाऊँगी
वो झूट बोलेगा और ला-जवाब कर देगा"



"पास जब तक वो रहे दर्द थमा रहता है
फैलता जाता है फिर आँख के काजल की तरह"





                                                                  

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